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सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से लचीलापन बà¥à¤¤à¤¾ है और जोड़ों को पूरा घूमने के काबिल बनता है। शरीर का लचीलापन और गति बढ़ाने व चोट से बचाने के लिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग बहà¥à¤¤ जरूरी है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग को दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करना रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¤° वरà¥à¤•आउट करने जितना ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि नियमित रूप से जिम जाते हैं तब à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करें, इससे मांसपेशियों को आराम मिलेगा। अनà¥à¤¯ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की ही तरह सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग के à¤à¥€ कà¥à¤› नियम होते हैं।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग कब और कैसे करनी चाहिà¤?
दिन-à¤à¤° में कà¤à¥€ à¤à¥€ अपनी मांसपेशियों को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š कर सकते हैं। बस यह देख लें कि आपको अपने हाथ-पैर पूरी तरह से फैलाने के लिठथोड़ी जगह मिलनी चाहिà¤à¥¤ जब आप सोकर उठते हैं अथवा सोने जाने से पहले या फिर काम के दौरान मिलने वाले बà¥à¤°à¥‡à¤• में à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग कर सकते हैं। योगासन या सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार à¤à¥€ बेहतर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग है, जिसमें बेहद साधारण लेकिन समकालिक मूवमेंट की पूरी सीरीज शामिल होती है। इसके जरिठबेहद संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ढंग से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š होता है और वरà¥à¤•आउट को अचà¥à¤›à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ दे सकता है। वरà¥à¤•आउट से पहले सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग के साथ कà¥à¤› वॉरà¥à¤® मूवमेंट à¤à¥€ शामिल कर सकते हैं। à¤à¤¾à¤°à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे की वेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग अथवा रनिंग के बाद सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से मांसपेशियों को आराम मिलता है।
इसके फायदे कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत के बिना ही शरीर के अंगों की गति को बनाकर रखती और इसे बढ़ा à¤à¥€ सकती है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ मेडिसिन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम से कम सà¤à¥€ बड़ी मसलà¥à¤¸ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करना ही चाहिà¤à¥¤ हफà¥à¤¤à¥‡ में दो बार और हर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ के लिठ60 सेकंड का समय दें। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से कूलà¥à¤¹à¥‡ और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के नीचे की मसलà¥à¤¸ बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ में à¤à¥€ लचीली बनी रहेंगी। खराब पॉशà¥à¤šà¤° की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ निजात मिलती है। पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की मसलà¥à¤¸, छाती और कंधे को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करके अपनी रीढ़ को सीधा रख सकते हैं और दरà¥à¤¦ से निजात पाकर अपने पॉशà¥à¤šà¤° को à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° सकते हैं। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग, खासतौर से à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚डेड सेशन को धीमे और फोकसà¥à¤¡ तरीके से करके जैसा कि योग अथवा ताई ची में किया जाता है आराम मिलता है और तनाव à¤à¥€ कम होता है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ में तनाव दूर करने की बेहतर शकà¥à¤¤à¤¿ होती है। टहलने के बाद सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करने से दिमाग और शरीर को à¤à¤• जमà¥à¤ª सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿ मिल सकता है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से टाइट हो चà¥à¤•ी मांसपेशियां ढीली होती हैं और इनमें रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार बढ़ता है। इससे à¤à¤‚डॉरà¥à¤«à¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¥€ बढ़ता है जिससे शांति मिलती है और पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ होती है। अगर सोने से पहले सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करते हैं तो अचà¥à¤›à¥€ नींद आà¤à¤—ी।
किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है?
à¤à¤• गलत मूव अथवा जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š तकलीफ पहà¥à¤‚चा सकता है। अधिक ताकत से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करने अथवा किसी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š को दरà¥à¤¦ होने तक करने से बचें। सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग का सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है जिसमें मसलà¥à¤¸ को उस सीमा तक सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करते हैं जब तक असहज न महसूस होने लगे लेकिन इसमें दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ अपने शरीर को वॉरà¥à¤® अप करने के लिठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग से पहले तेज कदमों से टहलना, अपनी जगह पर जॉगिंग करना, 5 से 10 मिनट की साइकà¥à¤²à¤¿à¤‚ग बेहतर है। इससे हारà¥à¤Ÿ रेट और बà¥à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बà¥à¥‡à¤—ा साथ ही इससे मांसपेशियों, लिगामेंट और नसों का तापमान बà¥à¥‡à¤—ा। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग के दौरान धकà¥à¤•ा लगने से बचें और विपरीत मसलà¥à¤¸ की सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ कीजिà¤à¥¤
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग के आसान तरीके कौन से हैं?
कà¥à¤› आसान तरीके...
पैरों को कंधों के बराबर चौड़ाई में फैलाकर खड़े हों और फिर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को हलà¥à¤•ा सा मोड़ें। आगे की ओर à¤à¥à¤•ें और हाथों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के ऊपर रखें।
उंगलियों को आपस में बांधें और हथेली को बाहर की ओर फैलाà¤à¤‚। हाथों को जितना हो सके पà¥à¤¶ करें। पीठऔर कंधों को आगे की ओर à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚। 10 सेकंड के लिठà¤à¤¸à¥‡ ही रà¥à¤•ें। उंगलियों को खोल लें और कलाई को पीठकी ओर ले जाकर आपस में जोड़ें। à¤à¥à¤œà¤¾à¤“ं को पीठके पीछे हाथ को छोड़ें बिना जितना ऊंचा हो सके उठाà¤à¤‚ ताकि चेसà¥à¤Ÿ खà¥à¤² जाठऔर कंधे पीछे की ओर रोल हो जाà¤à¤‚।
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